अब बिहार के कोचिंग होंगे बंद- शिक्षा विभाग बिहार

बिहार की शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार के प्रयास किए जा रहे है। जिसके तहत कई नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। जैसे छात्रों की 75% उपस्थिति की अनिवार्यता। क्लास 9th से ले कर 12th तक के छात्रों के मासिक जाँच परीक्षा की व्यवस्था, आदि। 

इसी कड़ी में बिहार के शिक्षा विभाग द्वारा एक नया कदम उठाया गया है। इस बार नियमों की गाज बिहार के कोचिंग संस्थानों पर गिरी है। बिहार के अंदर चलने वाले सभी कोचिंग संस्थानों को ले कर नया आदेश जारी किया गया है। शिक्षा विभाग बिहार के अपर मुख्य सचिव श्री के० के० पाठक ने सभी जिलों के जिलाधिकारी को इस संबंध में पत्र लिखा है। जिसमें कोचिंग चलाने को ले कर कई दिशा-निर्देश दिए गए हैं। 

बिहार में कोचिंग चलाने के नए नियम जारी

बिहार के कोचिंग संस्थान, खास कर क्लास 9th से क्लास 12th तक की पढ़ाई कराने वाले कोचिंग संस्थानों के बारे में जो बातें काही गई हैं। या जो दिशा-निर्देश दिए गए हैं। वो आप अक्षरशः नीचे पढ़ सकते हैं। 

बिहार के कोचिंग संस्थानों के लिए दिशा-निर्देश

अपर मुख्य सचिव श्री के० के० पाठक अपने पत्र में लिखते है:-

01 जुलाई, 2023 से विद्यालयों के गहन अनुश्रवण की व्यवस्था स्थापित की गई, जो कि अब वह एक स्थायित्व ले चुकी है । इस अनुश्रवण प्रणाली के तहत अब प्रतिदिन 25 हजार से अधिक विद्यालयों का अनुश्रवण हो रहा है। अधोहस्ताक्षरी स्वयं भी सप्ताह में एक बार निरीक्षण हेतु निकलते हैं। इस गहन अनुश्रवण से कोचिंग संस्थानों के संबंध में निम्नलिखित बातें पता चलती हैं:-

1. (क) सभी कोचिंग संस्थानों की कक्षाओं का समय वही होता है, जो हमारे विद्यालयों का है । हमारे विद्यालय सुबह 09 बजे से खुलकर संध्या 04 बजे तक चलते हैं । किन्तु इसी अवधि में कोचिंग संस्थान भी चलते रहते हैं। इससे हमारे (छात्र चाहे वह किसी भी कक्षा के हों) कोचिंग संस्थानों में जाने के फलस्वरूप विद्यालय में उपस्थित कम रहते हैं । यह बात कक्षा 09 से 12 तक के छात्रों पर विशेष रूप से लागू होती है।

(ख) ऐसी जानकारी मिली है कि कोचिंग संस्थानों में सरकारी शिक्षक भी विद्यालय के समय के दौरान ही जाकर पढ़ाते हैं ।

(ग) यह भी सूचना है कि कुछ कोचिंग संस्थानों के संचालन में भी हमारे सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों की भी प्रत्यक्ष / अपत्यक्ष भूमिका है।

2. उपरोक्त को देखते हुए आपसे अनुरोध है कि “विद्यालय अनुश्रवण व्यवस्था” के स्थायित्व के साथ-साथ कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति पर भी अब जोर लगाना होगा  विशेषकर कक्षा 09 से 12वीं तक के छात्रों के लिए। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इस आशय का एक नीतिगत निर्णय लिया गया है और सूचना भी प्रकाशित की गयी है (प्रतिलिपि संलग्न) कि जो छात्र 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति रखेंगे, उन्हें बोर्ड की परीक्षा में बैठने नहीं दिया जायेगा ।

3. उपरोक्त पृष्ठभूमि के आलोक में आपसे अनुरोध है कि आप अपने जिले के कोचिंग संस्थाओं की गतिविधियों पर भी नियंत्रण करें। क्योंकि कोचिंग संस्थाओं की समानांतर समय-सारणी के चलते विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति में आवश्यक सुधार नहीं हो पा रहा है। उल्लेखनीय है कि एतद् संबंधी अधिनियम जो वर्ष 2010 से ही प्रख्यापित है, के तहत इनकी गतिविधियों पर नियंत्रण हेतु आप प्राधिकृत हैं। इस संबंध में एक नियमावली भी विभाग द्वारा शीघ्र ही प्रख्यापित की जायेगी। जिसमें कोचिंग संस्थानाओं के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए अथवा इन्हें दण्डित करने के लिए अथवा इनका निबंधन रद्द करने के लिए आपको प्राधिकृत किया जायेगा ।

4. जब तक नियामवली प्रख्यापित नहीं होती है, तब तक आपसे अनुरोध है कि आप कोचिंग संस्थाओं पर निम्न प्रकार से चरणवार कार्रवाई प्रारंभ कर दें:-

प्रथम चरण:-

प्रथम चरण में दिनांक 01 अगस्त, 2023 से 07 अगस्त, 2023 तक अभियान के तौर पर आप अपने जिले के सभी कोचिंग संस्थानों (चाहे वह किसी भी कक्षा अथवा प्रतियोगिता परीक्षा – बी. पी. एस. सी. / यू.पी.एस.सी. सहित) की सूची बना लें।

द्वितीय चरण:-

द्वितीय चरण में 08 अगस्त, 2023 से 16 अगस्त, 2023 तक आप इन कोचिंग संस्थानों के संचालकों की बैठक स्वयं अपने स्तर पर बुलाएं और उन्हें निम्नलिखित के बारे में आगाह कर दें:-

(क) वे अपने कोचिंग संस्थानों को विद्यालय अवधि – यानि – सुबह 09 बजे से पूर्व एवं संध्या 04 बजे के बीच ना चलाएं। वे विद्यालय अवधि के पहले या बाद में अपनी कक्षाएं चलाने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होंगे ।

(ख) वे अपने teaching faculty में किसी ऐसे व्यक्ति को न रखें जो स्वयं किसी अन्य सरकारी अथवा गैर-सरकारी विद्यालय के अध्यापक या कर्मी हैं ।

(ग) कोचिंग संस्थानों के संचालन मंडल में यदि किसी कार्यरत सरकारी कर्मी / पदाधिकारी को रखा है, तो उसकी सूचना वे जिला पदाधिकारी को समर्पित करें।

तृतीय चरण:-

दिनांक 16 अगस्त, 2023 से 31 अगस्त, 2023 तक आप अपने अधीनस्थ दण्डाधिकारियों को प्रतिनियुक्त करते हुए इन सभी कोचिंग संस्थानों का सघन निरीक्षण कराएं और यदि वे सुबह 09 बजे से संध्या 04 बजे तक कोचिंग का कार्य करते पाये जायें, तो लिखित चेतावनी निर्गत किया जाए और आगाह किया जाए कि वे अपनी समय-सारणी में बदलाव करें।

5. दिनांक 31 अगस्त, 2023 के बाद यदि कोई कोचिंग संस्थान उपरोक्त बातों को नहीं मानते हुए अपनी गतिविधियों में कोई सुधार नहीं लाते हैं, तो उसके लिए नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई करने हेतु विभाग शीघ्र विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा ।

इस संबंध में बिहार के शिक्षा विभाग द्वारा जारी ऑफिशियल पत्र को नीचे देखा जा सकता है। 

Bihar Board coaching new rule 1

Bihar Board coaching new rule 2

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बिहार में कोचिंग संबंधी नए नियम के महत्वपूर्ण बिन्दु

शिक्षा विभाग बिहार के उक्त पत्र की महत्वपूर्ण बातों को निम्नलिखित बिन्दुओ में स्पष्ट किया जा सकता है:-

  1. बिहार के अंदर कोई भी कोचिंग सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच नहीं चलेगा। 
  2. सुबह 9 बजे से पहले और शाम 4 बजे के बाद कोचिंग चलाए जा सकते हैं। 
  3. कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षक के रूप में सरकारी शिक्षक या सरकारी कर्मी को नहीं रखा जा सकता है। 
  4. संचालन मंडल में सरकारी शिक्षक या कर्मी रह सकते हैं, पर इसकी सूचना जिलाधिकारी को देनी होगी। 
  5. सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच कोचिंग चलाने पर पहले लिखित चेतावनी दी जाएगी। 
  6. 31 अगस्त के बाद अगर कोई कोचिंग इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसे बंद किया जा सकता है। या उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। 

कोचिंग संचालन के नए नियम का उद्देश्य

बिहार के सरकारी स्कूलों/कॉलेजों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए बिहार बोर्ड ने भी घोषणा कर दिया है कि जिन छात्रों की उपस्थिति (हाजरी) उनके स्कूल/कॉलेज में 75% नहीं होगी। उन्हे बिहार बोर्ड की मैट्रिक इंटर परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। इस नियम को आप यहाँ क्लिक करके विस्तार से पढ़ सकते हैं। 

साथ ही छात्रों के शैक्षणिक स्तर को सुधारने के लिए 9th से ले कर 12th तक के छात्रों के मासिक जाँच परीक्षा का नया नियम भी लाया गया है। जिसकी पूरी जानकारी यहाँ क्लिक करके पढ़ा जा सकता है। 

कोचिंग के संबंध में ये नया नियम लाने की आवश्यकता इसलिए पड़ी क्योंकि स्कूलों के समय ही कोचिंग चला करते हैं। जिसके कारण छात्र स्कूल/कॉलेज में उपस्थित नहीं हो पाते। कोचिंग और स्कूल/कॉलेज की समय-सारणी अलग होने से छात्र-छात्राओं की उपस्थिति स्कूल/कॉलेजों में बढ़ जाएगी। 

अर्थात सरकारी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए ही राज्य के कोचिंग संस्थानों के लिए ये नया नियम लाया गया है। 

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